रात में सौतेला बाप ने मेरा रेप किया - मेरी दर्दनाक सेक्स कहानी

रात में सौतेला बाप ने मेरा रेप किया



कुछ साल पहले मेरे पिताजी की कैंसर से मौत हो गयी थी.। इसलिए मेरी माँ को दुबारा शादी करनी पड़ गयी.। मेरी माँ बहुत सुंदर औरत थी और गजब की माल थी.। उसका कद ५ फुट ४ इंच का था, बहुत दूध जितनी गोरी थी और उसके बूब्स तो ३४ ३६” के होंगे.। जो आदमी मेरी माँ से शादी करने जा रहा था उसकी औरत खत्म हो गयी थी.।वो भी अकेला था और माँ भी अकेली थी.। दोनों में बात हो गयी और फिर शादी हो गयी.। सुहागरात के दिन उस आदमी ने मेरी माँ को खूब चोदा.। माँ की गर्म गर्म चीखे मैं साफ साफ़ सुन सकती थी.। आआआअह्हह्हह्ह….ऊऊऊ….अईईईईई…आऊऊऊउ …माँ गर्म गर्म सिसकारी निकाल रही थी और मजे लेकर चुद रही थी.। तब मेरी उम्र १८ साल की थी.।



मैं बालिग़ हो चुकी थी और चुदने लायक सामान हो गयी थी.। शुरू के साल भर मेरे सौतेले बाप ने मुझे बहुत प्यार दिया.। मेरे लिए नये नये कपड़े लेकर आया.। तरह तरह की चीजे, खाने की अच्छी अच्छी चीजे वो लेकर आता था.। साल भर उसने मेरी माँ को खूब जी भरकर चोदा और ठोंका.। उसके बाद उसके व्यवहार में अचानक बदलाव आना शुरू हो गया.।ये चुदाई कहानी आप adultstories.co.in पर पड़ रहे है.। मेरा सौतेला बाप जब मेरा पास आता तो मेरे दोनों कंधों पर अपने हाथ रख देता और सहलाने लगा जाता.।



“बेटी!! मुझे तुझसे कुछ बात अकेले में करनी है!!” मेरा सौतेला बाप बोला



एक दिन जब माँ नही थी तो उसने मुझे अपने कमरे में बुलाया.।



“बेटी अंजली! ….क्या तेरा कोई बॉयफ्रेंड है???” उसने पूछा



“नही …पिताजी!” मैं बोली



“बेटी बनाना भी नही.। ये बोयफ्रेंड बहुत गंदे होते है, मासूम लड़कियों को चोद लेते है और खा पीकर चूत का छेद बड़ा करके भाग जाते है.। कुछ बॉयफ्रेंड तो शादी का झांसा देकर मासूम लड़कियों को चोद लेते है!!” मेरे सौतेले बाप ने मुझे समझाया.। उस दिन से मैं पिताजी को अपना बड़ा अच्छा दोस्त मानने लगी.। एक दिन जब मेरी माँ घर पर नही थी, मेरे सौतेले पिताजी ने मुझे टीवी पर एक ब्लू फिल्म दिखाई.।



“अंजली!! बेटी ….देखो अच्छी लगी ये पिक्चर??” मेरे सौतेले बाप ने पूछा



मैंने देखा तो वो एक गर्मा गर्म चुदाई वाली पिक्चर थी.। लड़का लकड़ी को गोद में उठाकर चोद रहा था और लड़की गर्म गर्म मादक सिस्कारियां निकाल रही थी.। मैं शर्मा गयी.।



“अंजली बेटी….अच्छी लगी??” मेरे सौतेले बाप ने फिर पूछा



“धत्त!! पिताजी........क्या कोई पिताजी अपनी बेटी से ये पूछता है!!” मैं कहा.। मैं बहुत लजा गयी थी और शर्म कर रही थी.।



“बेटी, आजकल युवाओं को सेक्स एजुकेशन देना बहुत जरूरी हो गया है.। वरना लड़कियां कई मर्दों से चुदवा लेती है और ऐड्स जैसी जानलेवा बिमारी का शिकार बन जाती है.। इसलिए बेटी आजकल हर बाप अपनी जवान चुदने लायक लड़की को चुपके चुपके सेक्स एजुकेशन देते रहते है, ये बात सीक्रेट ही रखी जाती है.। तुम ये दोनों टेप अच्छी तरह से देख लेना, जिससे तुमको सेक्स एजुकेशन मिल जाए!” मेरे सौतेले बाप [पिताजी] ने कहा.। उसने सेक्स की चुदाई वाली गर्मा गर्म फिल्मे मेरे कमरे में छोड़ दी और अपने काम पर चला गया.। मेरे पास करने को और कोई काम था नही, मेरा कॉलेज तो एक महीने के लिए बंद ही हो गया था तो मैंने सोचा की चलो सेक्स एजुकेशन ही ले लूँ.। वैसे भी कोई बाप इतना पाप नही होगा की अपनी लड़की को गलत शिक्षा दे.।ये चुदाई कहानी आप adultstories.co.in पर पड़ रहे है.।



दोस्तों, मैंने जैसे जैसे वो चुदाई वाले फिल्मे देखना शुरू की मुझे अच्छी लगने लगी.। कुछ देर बाद तो मैंने अपना सारा काम धाम छोड़ दिया और सुबह से रात तक बैठ कर मैंने वो दोनों चुदाई की ४ ४ घंटे की फिल्म देख ली.। शाम को पिताजी और मम्मी अपने अपने ऑफिस से लौटे तो मुझे पता नही क्या हो गया है.। उन चुदाई फिल्मो का मेरे किशोर मन पर बहुत असर हुआ था.।“पिताजी!! मुझे और सेक्स एजुकेशन लेनी है, कल आप और टेप ले आना!!” मैं अपने सौतेले बाप से बोल दिया,मेरा चुदाई फिल्मो में इंटरेस्ट देखकर मन ही मन वो मुस्कुराने लगे.। सायद वो कोई कुटिल प्लान अपने दिमाग में बना रहे थे.। इस तरह पिताजी रोज नई नई चुदाई वाली फिल्मे मेरे लिए लाने लगे.। कभी जापानी चुदाई की फिल्मे, कभी चाईनीस चुदाई की फिल्मे , कभी कोई….कभी कोई.। दोस्तों २ महीने बाद मुझे ब्लू फिल्म देखने का भयानक चस्का लग गया था, जैसे किसी गंजेड़ी को गांजा पीने के बुरा चस्का लग गया था.। एक दिन सुबह सुबह जब मेरी माँ अपनी नौकरी पर गयी थी मैंने पिताजी से फिर कहा की मेरे लिए चुदाई फिल्म लेकर आये.। मेरे पिताजी गये और मार्किट से खाली हाथ लौट आये.।



“ये क्या पिताजी........आप खाली हाथ क्यों लौट आये, अब मेरा वक़्त कैसे बीतेगा???” मैं बहुत बेचैन महसूस कर रही थी.। जैसे किसी अफीमची को अगर अफीम सूंघने को ना मिले तो वो बड़ा बेचैन हो जाता है, मेरी हालत बिलकुल ऐसी ही थी.।



“बेटी……वो दूकान बंद थी.। पता नही खुलेगी!!” पिताजी बोले



“नही पिताजी........आप फिर से मार्केट जाइये और मेरे लिए वो सेक्स एजुकेशन वाला टेप लेकर आईये!!” मैंने झल्लाते हुए कहा.। मेरा सौतेला बाप जा जाने क्यों हल्का हल्का मुस्कुरा रहा था.। उसका पूरा प्लान मुझे रगड़कर चोदने और खाने का था.। अपनी हवस को पूरी करने के लिए उस बहनचोद ने मुझे सेक्स एजुकेशन का झांसा दिया था.। उसका असली मकसद मुझे चोदना था.। मैं २ महीनो ने रोज नई नई चुदाई वाली फिल्मे देखने लगी थी और चूत में बैंगन और मूली, गाजर और ऊँगली डालकर मुठ मारना भी सीख गयी थी.। अब मैं चुदाई के बारे में सब कुछ जान गयी थी.। अब मैं गांड मरवाने के बारे में सब कुछ जान गयी थी.।



मेरी झल्लाहट देखकर मेरा सौतेला बाप बहुत खुश हो रहा था.। “बेटी आज दूकान तो बंद है….तुम रोज रोज नई नई चुदाई फिल्मे देखकर सेक्स एजुकेशन लेती तो.। बेटी……अगर तुम चाहो तो मैं तुमको रिअल सेक्स का मजा दे सकता हूँ…किसी को पता नही चलेगा.। देखने से जादा करने में मजा आता है बेटी........जरा सोचो….सोचो!!” मेरा कपटी बाप बोला,“हाँ!! पिताजी ........ये मस्त आईडिया है.। रोज मैं सेक्स एजुकेशन लेती हूँ, पर कभी सेक्स नही करती.। पिताजी आज आप मेरे साथ सेक्स करो और मुझे रिअल सेक्स एजुकेशन दो!!”“बेटी……तुम्हारा मतलब मैं तुमको चोदकर........सेक्स एजुकेशन दूँ???” मेरे कुटिल सौतेले बाप ने पूछा.। वो अच्छी तरह से जान गया था की उसने मुझे कोई सेक्स वेक्स एजुकेशन नही दी थी.। उसका कुटिल मकसद मुझे सेक्स की लत लगवाकर जी भरकर चोदना था.। वो हमारी सेक्स एजुकेशन के नाम पर मुझे धोखे से चोदना खाना नोचना चाहता है.। मैं मासूम कली थी, उसकी चाल समझ ना पायी.।



“हाँ ........पिताजी हाँ!! …आप मुझे चोदिये और सेक्स एजुकेशन दीजिये!!” मैंने बोली



ये सुनकर मेरा सौतेला बाप बहुत खुश.। उसने मुझे बाहों में भर लिया और अब उसे किसी बात का डर नही था.। क्यूंकि अब मुझे ही सेक्स की बुरी लत लग गयी थी.। मैं खुद ही अपने पिताजी से चिपक गयी.। मैंने फिरोजी रंग का सलवार सूट पहन रखा था.। मेरा पिताजी यानी मेरा सौतेला बाप मेरे मस्त मस्त मम्मे ताड़ रहा था.। फिर उसने मेरा दुप्पटा खींच दिया और हटा दिया.। मेरे बड़े बड़े मम्मे मेरी कमीज के सूती कपड़े से साफ़ साफ़ दिख रहे थे.। फिर पिताजी मुझे चोदने के लिए कमरे में ले गये.। मुझे सेक्स की बुरी लत लग चुकी थी.। वरना कोई शरीफ लड़की अपने बाप से चुदवाने के लिए उनके कमरे में नही जाती.।ये चुदाई कहानी आप हॉट सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है.। पिताजी ने मुझे बिस्तर पर लिटा दिया.। मेरे होठ पीने लगे.। पिताजी ने मुझे बाहों में भर लिया था.। दोस्तों, आज मैं भी फुल मूड में थी.। चुदाई फिल्मे मैंने बहुत देख ली थी आज मैं खुद चुदना चाहती थी.। मैं भी पिताजी के होठ पीने लगी.।



कुछ देर बाद हम दोनों की चुदास और कामवासना जाग गयी.। मुझे अपने पिताजी के होठ चूसना पता नही क्यों अच्छा लग रहा था.। पिताजी के हाथ मेरे बड़े बड़े दूध पर आ गये.। वो मेरे दूध दबाने लगे.। मैं उनको नही रोका.। क्यूंकि मुझे अच्छा लग रहा था.।“आह्ह्ह्ह........पिताजी दबाइये!!….मेरे दूध और दबाइये!!” मैंने पिताजी से कहा तो पिताजी की कामवासना जाग गयी.। वो कस कसके मेरे दूध दबाने लगे.। मुझे बहुत अच्छा लग.। पिताजी मेरे साथ फ्रेंच किस का मजा ले रहे थे.। मेरे पतले नीचे वाले होठो को चूस रहे थे.। मेरे ओंठ बहुत रसीले थे.। कुछ देर में पिताजी ने मेरी कनीज निकाल दी.। फिर मेरी ब्रा निकाल दिए.। पता नही क्यूँ मुझे हल्की से शर्म आई.। पिताजी की नजरे मेरे दूध पर टिकी थी.। वासना उनकी आँखों में बैठ चुकी थी.। वो जल्द से जल्द मुझे चोदना चाहते थे.।



“बेटी........तेरे दूध तो माशाअल्ला है…इतने खूबसूरत मम्मे मैंने आज तक नही देखे है!!” पिताजी मेरे बूब्स की तारीफ़ करने लगे



“पी लो पिताजी........आज जी भरकर मेरे रसीले बूब्स पी लो!” मैंने कहा



तो पिताजी जोर जोर से मेरे ३६” के दूध हाथ से दबाने लगे और फिर मजे से पीने लगे.। आज मेरा सपना पूरा होने वाला था.। मैं रोज तरह तरह की चुदाई देखा करती थी, पर आज मैं खुद चुदने वाली थी.। पिताजी पर वासना हावी हो गयी.। उन्होंने मुझे बाहों में भर लिया और मेरे हसीन दूध मुँह में भर लिए और मजे लेकर पीने लगे.। मैं कितनी बेशर्म लड़की थी.। अपने बाप से चुदवाने वाली थी.। मैंने भी पिताजी को बाहों में भर लिया और बिस्तर पर हम दोनों लेट गये.। आज मेरे सौतेले पिताजी मेरे बॉयफ्रेंड और मेरे सैयां बन चुके थे.। वो मजे ले लेकर मेरे रसीले दूध पी रहे थे.।



आह….एक अजीब सा नशा चढ़ रहा था.। पिताजी को मेरे दूध पीने में तो मजा मिल ही रहा था, पर मुझे भी खूब आनंद प्राप्त हो रहा था.।ये चुदाई कहानी आप हॉट सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पड़ रहे है.। मेरे दूध पीते पीते पिताजी का हाथ मेरी सलवार पर चला गया.। उन्होंने मेरी सलवार निकाल दी.। तो मैं भी पिताजी के लंड को सहलाने लगी और मैंने उनकी पैंट खोल दी.। उसके बाद हम दोनों ने अपने सारे कपड़े निकाल दिए.। पिताजी अब बिस्तर पर लेट गये और मैं उनका लंड चुसने लगी.।



“पिताजी!!….तुम्हारा लंड तो कितना बड़ा और विशाल है!!” मैं आश्चर्य से कहा



“चूस ले बेटी........अब समझ ले की ये लंड तेरा ही है!!” पिताजी बोले



मैंने २ महीने में १०० से जादा चुदाई फिल्मे देखी थी.। अच्छी तरह लंड चुसना मैं वही पर सीखा था.। मैं भी मजे लेकर पिताजी के लंड चूसने लगी.। अरे कितना बड़ा गुलाबी लंड था और सुपाडा तो बहुत ही बड़ा था और गुलाबी था.। मैंने पिताजी की जाँघों पर लेट गयी.। गोलियां भी मजे से चूस रही थी और लंड भी मुँह में लेकर चूस रही थी.। पिताजी को बहुत आनंद मिल रहा था.।“चूस बेटी….और मुँह में अंदर तक लेकर चूस!!” पिताजी बोले तो मैं और जोर जोर से पिताजी का लंड चूसने लगी.। मुझे बहुत मजा आ रहा था.। मैं जोर जोर से सर हिलाकर लंड को मुँह में लेकर चूस रही थी.। पिताजी का लंड कोई 8” लम्बा था और बहुत जूसी था.। पिताजी का लंड चूसते चूसते मेरी चूत बहने लगी.। फिर पिताजी ने मुझे सीधा बिस्तर पर लिटा दिया और मेरी चूत में लंड डाल दिया और मुझे चोदने लगे.। मैं कुवारी कन्या थी.। इसलिए पिताजी को बहुत जोर से धक्का मारना पड़ा.।



तब जाकर मेरी कुवारी चूत की सील टूट पायी.। पिताजी का लंड मेरे गाढे लाल खून से रंग गया.। मैंने खुद अपनी दोनों टाँगे उपर कर ली और चुदवाने लगी.। पिताजी मेरे लाल लाल खूबसूरत भोसड़े में गहरे धक्के देने लगा.। मैंने पिताजी को अपनी बाहों में छुपा लिया था, क्यूंकि मुझे चूत में काफी दर्द हो रहा था.। पिताजी ने मेरे दोनों कोमल कंधे पकड़ रखे थे और किसी आवारा रंडी की तरह मुझे कमर मटका मटकाकर चोद रहे थे.। दोस्तों, दर्द के साथ साथ मुझे मीठा मीठा अहसास भी हो रहा था.। पर ये जो कुछ भी था मुझे अच्छा लग रहा था.। पिताजी ने मुझे अपने कब्जे में ले लिया और पक पक चोदने लगे.। वो फिर मेरे उपर लेट गये और मेरे बूब्स पीते पीते मुझे पेलने लगे.। २० मिनट बाद पिताजी मेरी रसीली चूत में शहीद हो गये.। मैंने पिताजी को दिल में छुपा लिया.। मुझे अभी भी चूत में दर्द हो रहा था.।



“बेटी........बताओ कैसी लगी मेरी सेक्स एजुकेशन????” पिताजी ने हँसते हुए पूछा



“अच्छी लगी पिताजी!!” मैंने जावाब दिया



फिर हम दोनों किसी युगल प्रेमी जोड़े की तरह एक दुसरे के रसीले ओठ पीने लगे.। आज मैं पहली बार अपने सौतेले बाप से चुद गयी.। अच्छा रहा ये एक्सपीरियंस.। कुछ दिन बाद पिताजी और मैं घर पर अकेली थी.। मेरी मम्मी अपनी नौकरी के सिलसिले में शहर से बाहर गयी थी.।



“बेटी ……सेक्स एजुकेशन हो जाए???” पिताजी मुझे फुसलाते हुए बोले



“जी ........ठीक है!!” मैंने कहा



हम दोनों फिर से चुदाई में तल्लीन हो गये.। पिताजी ने मुझे और मैं पिताजी को नंगा कर दिया.। पिताजी मेरी चूत पीने लगे और ऊँगली करने लगे.। दोस्तों, आज मुझे तनिक भी दर्द नही हुआ.। पिताजी ने अपनी जीभ चला चलाकर मेरी चूत मजे लेकर पी.। फिर लंड डालकर मुझे चोदने लगे.। कुछ देर बाद पिताजी मुझ पर पूरी तरह से हावी हो गये और इतने जोर जोर चोदने लगे की मेरी जान निकलने लगी.। पर मुझे बहुत अच्छा लग रहा था, इसलिए दर्द होने के बाद भी मैंने उनसे रुकने के लिए नही कहा.। फिर पिताजी ने मुझे अपनी कमर पर बिठा लिया और मेरी चूत में लंड डाल दिया और मुझे बिस्तर पर उछाल उछालकर मुझे चोदने लगे.। मैंने इस तरह की चुदाई विडियो में देखी थी जो पिताजी मेरे लिए लेकर आये थे.।



पर दोस्तों, मैं ये बात जरुर कहूँगी की देखने से जादा करने में आनंद प्राप्त होता है.। पिताजी के दोनों हाथ किसी सांप की तरह मेरी पतली चिकनी सेक्सी कमर पर लिपट गये और पिताजी ने सवा घंटा मुझे लंड पर बिठाकर चोदा.। आज ४ साल से पिताजी हर दिन माँ से छुपकर मेरी चूत मारते है और मैं भी उनको नही रोक पाती हूँ.। क्यूंकि मुझे सेक्स करने का बुरा चस्का लग चुका है.।कैसी लगी मेरा रेप कहानी, अच्छा लगी तो जरूर शेयर भी करे


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